प्रतिदिन की तरह सोमवार को साढ़े दस बजे जब सीजेआई की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई, एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनकी तरफ जूता उछाल दिया। कोर्ट रूम में थोड़े देर के लिए अफरा तफरी का माहौल हो गया। कोर्ट रूम में मौजूद दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल ने उसे तुरत पकड़ लिया। पुलिस जब उसे कोर्ट रूम से ले जा रही थी उसने जोर से बोला “सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।” जस्टिस गवई ने कोर्ट में मौजूद वकीलों से कहा कि आपलोग अपने केस पर बहस कीजिए, मुझे ऐसी चीजों से फर्क नहीं पड़ता है।
इस घटना के घटने के करीब दो घंटे बाद तक हमारे जैसे कोर्ट रिपोर्टर समझ नहीं पा रहे थे कि इस ख़बर को कैसे चलाएं। यह बहुत विचलित करने वाली ख़बर थी। देश के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की ख़बर और साथ में हमलावर द्वारा सनातन से जुड़ा नारा लगाया जाना, ख़बर विचलित करने वाली थी। हम देश के मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका पर हमले की कोशिश की खबर की गंभीरता समझने की कोशिश कर रहे थे। तब तक ख़बर फैलनी शुरू हो गई। सोशल मीडिया के समय में अब यह विकल्प ख़त्म हो गया है कि कोई रिपोर्टर सोचे कि कोई खबर चलाने वाली है या नहीं! आप नहीं चलाएंगे, तो कोई न कोई सोशल मीडिया पर शेयर कर देगा। विचलित और चौंकाने वाली खबरें तो मिनटों में वायरल हो जाती हैं। इस ख़बर के साथ भी ऐसा ही हुआ। किसी ने अपने ऑफिस को बताया कि ऐसी घटना घटी है, लेकिन ये ख़बर चलाने लायक नहीं है। डेस्क वालों ने ख़बर के प्रकृति को समझा, चैनल पर ख़बर चली और, फिर क्या था! ख़बर जंगल की आग की तरह फैल गई।
CJI पर जूता फेंकने की कोशिश!
प्राप्त जानकारी के मुताबिक CJI जस्टिस गवई की कोर्ट रूम में जूता फेंकने वाला व्यक्ति वकील है। उसका नाम राकेश किशोर है, उम्र 71 साल है। वह जस्टिस गवई के उस बयान से आहत था जिसमें CJI ने भगवान विष्णु को लेकर टिप्पणी की थी।
जब उसने CJI की तरफ जूता… pic.twitter.com/W0vpXFceM5
— Prabhakar Kumar Mishra (@PMishra_Journo) October 6, 2025
सुप्रीम कोर्ट सुरक्षा में मौजूद पुलिस ने जानकारी दी कि CJI जस्टिस गवई की कोर्ट रूम में जूता फेंकने वाला व्यक्ति वकील है। उसका नाम राकेश किशोर है, उम्र 71 साल है। वह जस्टिस गवई के उस बयान से आहत था जिसमें जस्टिस गवई ने भगवान विष्णु को लेकर टिप्पणी की थी। ख़बर आपको पता होगी। खजुराहो में भगवान विष्णु की खण्डित प्रतिमा को लेकर एक याचिका जस्टिस गवई की बेंच के सामने आई थी। उन्होंने याचिका ख़ारिज करते हुए याचिका कर्ता को बोल दिया था कि ‘ आप विष्णु के भक्त हैं, उन्हीं से प्रार्थना कीजिए।’ जस्टिस गवई को इस टिप्पणी पर खूब हंगामा मचा था।
संबंधित ख़बर यहां पढ़ें: आप भक्त हैं तो भगवान विष्णु से ही जाकर कहिए; सीजेआई गवई।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया और जानकारी दी कि उन्होंने सीजेआई से बात की थी। उन्होंने लिखा था कि “भारत के मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस बी आर गवई जी से बात की। कोर्ट परिसर में उन पर हुआ हमला हर भारतीय को आक्रोशित कर गया है। हमारे समाज में ऐसे निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है। यह अत्यंत निंदनीय है। मैंने इस परिस्थिति में जस्टिस गवई द्वारा प्रदर्शित शांति और संयम की सराहना की। यह उनके न्याय के मूल्यों और हमारे संविधान की भावना को सशक्त बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” सोनिया गांधी, राहुल गाँधी सहित तमाम नेताओं ने इस घटना की निंदा की।
Spoke to Chief Justice of India, Justice BR Gavai Ji. The attack on him earlier today in the Supreme Court premises has angered every Indian. There is no place for such reprehensible acts in our society. It is utterly condemnable.
I appreciated the calm displayed by Justice…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 6, 2025
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सीजेआई पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। लेकिन जस्टिस गवई उसके खिलाफ किसी कार्रवाई के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने उसे माफ कर दिया था। इसलिए दिल्ली पुलिस ने थोड़ी बहुत पूछताछ की बाद उसे रिहा कर दिया। सोशल मीडिया पर कुछ लोग उस वकील के पक्ष में भी लिख रहे हैं। समाज में घुला ज़हर सोशल मीडिया से समझ आता है। ऐसी किसी घटना के होने पर वो ज़हर स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है। इस मामले में तो दलित और सवर्ण का एंगल भी है और हिंदू मुसलमान, सनातन का भी! इसलिए कुछ दिन इस पर चर्चा होगी।
वकील अंकल कल सुबह फिर दिल्ली के मयूर विहार के अपने अपार्टमेंट के पास वाले पार्क में जाएंगे। हो सकता है कि उनके हमउम्र साथी अंकल लोग गर्मजोशी से उनका स्वागत भी करेंगे! क्योंकि आजकल ऐसा ही माहौल है! या यूं कहिए कि बनाया गया है।