लखनऊ कोर्ट में राहुल गाँधी/ फोटो: सोशल मीडिया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सेना पर टिप्पणी मामले में मंगलवार को लखनऊ के एमपी-एमएलए कोर्ट में उनकी पेशी हुई। कोर्ट में सरेंडर करने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया। इसके बाद उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने 20-20 हजार की दो मुचलकों पर राहुल गांधी को जमानत दे दी। राहुल गाँधी करीब 30 मिनट तक कोर्ट में रहे।
सेना पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी का लखनऊ कोर्ट में सरेंडर…5 मिनट बाद जमानत…@RahulGandhi pic.twitter.com/ukw1lG9l9R
— Akhilesh Tiwari (अखिलेश तिवारी) (@Akhilesh_tiwa) July 15, 2025
राहुल गांधी ने 16 दिसंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के पूर्व निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने राहुल गाँधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मामले में राहुल गाँधी को लखनऊ की कोर्ट ने सम्मन किया था। शिकायत के अनुसार कि राहुल गाँधी ने बार-बार अपमानजनक तरीके से कहा था कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में हमारे सैनिकों को पीट रही है और भारतीय प्रेस इस संबंध में कोई सवाल नहीं पूछेगा। यह टिप्पणी 9 दिसंबर 2022 को भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई झड़प से जुड़ी थी।
लखनऊ की अदालत ने पहली नजर में माना था कि राहुल के बयान से भारतीय सेना और उससे जुड़े लोगों और उनके परिवारों का मनोबल कम हुआ है। पिछली 5 सुनवाई के दौरान राहुल गाँधी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें सम्मन जारी किया था। राहुल गाँधी ने सम्मन के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली थी। इस मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले मानहानि से जुड़े मामले में राहुल गाँधी को कुछ समय के लिए अपनी संसद सदस्यता गंवानी पड़ी थी। राहुल गांधी ने 2019 में कर्नाटक की सभा में मोदी सरनेम को लेकर बयान दिया था। कहा था- सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है। इसके बाद गुजरात के भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल के खिलाफ मानहानि का केस किया था। निचली अदालत ने दो साल की सजा सुनाई और राहुल गाँधी की सदस्यता चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने जब सजा पर रोक लगाई तब जाकर उनकी सदस्यता बहाल हो पाई थी।राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि के अभी कई और मामले लंबित हैं। सावरकर को लेकर उनकी टिप्पणी का एक मामला पुणे की कोर्ट में चल रहा है जिसमें हाल ही में राहुल गाँधी ने अपने गुनाह से इंकार (plead not guilty) था। उसमें अब ट्रायल शुरू होगा।