दिल्ली, एनसीआर में आवारा कुत्तों के आतंक से निपटने लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त दशा निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार, एमसीडी, एनडीएमसी और एनसीआर में सम्बंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वो शहर को, गलियों को आवारा कुत्तों से फ्री करें। कोर्ट ने कहा है आवारा कुत्तों को उठाकर डॉग शेल्टर होम में रखा जाए। कोर्ट ने पहले 6 हफ्ते में 5000 कुत्तों को शेल्टर होम भेजने का लक्ष्य तय किया है।
जस्टिस पारदीवाला की अगुवाई वाली बेंच ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई कुत्ता प्रेमी व्यक्ति या संगठन इसमें बाधा बनता है तो इसे कोर्ट की अवमानना समझा जाएगा और कोर्ट उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर की सड़कों/ गलियों को आवारा कुत्तों से मुक्त करने के लिए सम्बंधित विभागों को निर्देश दिया है कि आवारा कुत्तों को उठाकर डॉग शेल्टर होम में रखा जाए। ऑथोरिटी अगले 6 हफ्ते में 5000 कुत्तों से शुरुआत करें।
कोर्ट की चेतावनी : अगर कोई कुत्ता प्रेमी व्यक्ति… pic.twitter.com/QUkf84oesG
— Prabhakar Kumar Mishra (@PMishra_Journo) August 11, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, एनसीआर की सभी संबंधित विभागों को तत्काल डॉग शेल्टर बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस संबंध में आठ हफ्ते में रिपोर्ट दायर करने को कहा है । सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि डॉग शेल्टर होम में आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए पर्याप्त लोग तैनात किए जाएं और उन्हें CCTV कैमरों की निगरानी रखी जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट के इन निर्देशों पर सख्ती से अमल हो। आवारा कुत्तों के शिकार हो रहे छोटे बच्चों पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि छोटे बच्चों को रैबीज के शिकार होने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। लोगों को यह यकीन होना चाहिए कि वो आवारा कुत्तों के डर के बिना फ्री होकर घूम सकें।
सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला ने कुत्ते प्रेमियों से सवाल किया कि ये तथाकथित डॉग लवर्स, क्या उन बच्चों को वापस ला पाएंगे, जिनकी जान कुत्तों के काटने से गई है?
ये तथाकथित डॉग लवर्स, क्या उन बच्चों को वापस ला पाएंगे, जिनकी जान कुत्तों के काटने से गई है? – जस्टिस पारदीवाला
एक अख़बार में छपी रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर यह आदेश पारित किया है। अख़बार में आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज के शिकार बच्चों की रिपोर्ट छपी थी।
कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के कुछ देर बाद कुछ कुत्ता प्रेमी विरोध करने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। खूब हंगामा हुआ। एक वकील ने कुछ बोल दिया तो मारपीट की नौबत आ गई। पुलिस भी थी। उसके बाद इंडिया गेट पर भी प्रोटेस्ट हुआ है।
मतलब यह मामला तुल पकड़ने वाला है! pic.twitter.com/KGRCqbtTWt— Prabhakar Kumar Mishra (@PMishra_Journo) August 11, 2025
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का कुत्ता प्रेमी विरोध कर रहे हैं। फैसले के तत्काल कुछ कुत्ता प्रेमी विरोध प्रदर्शन करने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। वहां पुलिस ने रोका तो उन्होंने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया। पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस फैसले को अव्यावहारिक करार देते हुए कहा कि दिल्ली में तीन लाख कुत्ते हैं। उन सभी को सड़कों से हटाने के लिए आपको 3,000 शेल्टर होम बनाने होंगे जिनमें से हर एक में जल निकासी, पानी, एक शेड, एक रसोई और एक चौकीदार की व्यवस्था करना भी शामिल होगा। इस पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। क्या दिल्ली के पास इसके लिए 15,000 करोड़ रुपये हैं? फिल्म अभिनेत्री सिमी ग्रेवाल ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को बदलवाने के लिए लेटर पिटिशन पर हस्ताक्षर अभियान चलाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध को देखते हुए इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है कि जल्दी ही इस आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर होगी, और कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार की गुजारिश की जाएगी।