नोएडा के एक ओल्ड एज होम में छापेमारी के दौरान जो तस्वीरें दुनिया के सामने आईं, जिसने भी उन तस्वीरों को देखा उसका दिल दहल गया। नर्क से भी बदतर बदतर हालत रखा जा रहा था बुजुर्गों को! राज्य महिला आयोग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी जब वहां पहुंचे तो पाए कि बुजुर्गों के कपड़े गंदे और फटे थे जो पेशाब और मल से सने हुए थे। कुछ के पास तो कपड़े भी नहीं थे। एक बुजुर्ग महिला को बांधकर रखा गया गया था। खास बात ये कि ये सभी बुजुर्ग किसी गरीब घर के नहीं थे ? सब अच्छे, खाते पीते घरों के थे। क्योंकि ओल्ड एज होम में रखने की अच्छी खासी फीस है। प्रति व्यक्ति से 2.5 लाख रुपए लिया जाता है। खाने,पीने, रहने के लिए छह हजार रुपए प्रतिमाह अलग से लिया जाता है।
सड़ चुके समाज की शर्मनाक तस्वीर!
ये तस्वीर नोएडा के ओल्ड एज होम की है। नर्क से भी बदतर बदतर हालत रखा जा रहा था बुजुर्गों को! आधे अधूरे कपड़े, भूखे पेट रस्सी से बांधकर कमरों में ताले में बंद कर रखा जाता था।
और ये सब पैसे वालों के मां बाप हैं। प्रति व्यक्ति से 2.5 लाख रुपए लिया… pic.twitter.com/sWqABjPSMp— Prabhakar Kumar Mishra (@PMishra_Journo) June 28, 2025
विडंबना ये हुई कि जिस तस्वीर ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया था, उन तस्वीरों से उन बुजुर्गों के बेटे- बेटियों, बहुओं पर कोई असर नहीं पड़ा! ओल्ड एज होम में रहने वाले 21 बुजुर्गों के घरवालों ने लिखकर दिया कि उन्हें ओल्ड एज होम से कोई शिकायत नहीं है! चार बेटियां वाली मां भी उनमें शामिल हैं। जिनकी एक बेटी इसी से संतुष्ट है कि उसकी मां को समय से खाना मिल जाता है! प्रशासन ने तीन बुजुर्गों की हालत देखते हुए सरकारी वृद्धाश्रम में भेज दिया था। उनके परिजन इससे नाराज़ थे कि प्रशासन उनकी अनुमति के बिना ऐसा कैसे कर सकता है ! ओल्ड एज होम चलाने वाले ट्रस्ट के लोग सफाई दे रहे हैं! बता रहे हैं कि उनके पास सभी जरूरी कागजात हैं!
ओल्ड एज होम में अव्यवस्था की बात हम संबंधित सरकारी विभागों और सरकार पर छोड़ते हैं। हम इस मामले से जुड़े सामाजिक पहलू पर बात करते हैं। क्योंकि सरकार की आड़ में समाज अपनी कमियों को छुपाएगा तो धीरे धीरे और सड़ता चला जाएगा!ओल्ड एज होम में रहने वाले प्रत्येक बुजुर्ग की अपनी कहानी होती है। किसी की केवल बेटियां होती हैं जिनकी घर गृहस्थी में उनके बुजुर्ग मां बाप के लिए जगह नहीं होती! अपना समाज भी तो कहता है कि बेटियां पराए घर की होती हैं और उस पराए घर में बेटी के मां बाप के लिए स्थान कैसे होगा! इस ओल्ड एज होम में भी एक चार बेटियों वाली मां शामिल हैं। जिनकी एक बेटी इसी से संतुष्ट है कि उसकी मां को समय से खाना मिल जाता है!
नोएडा के इस ओल्ड एज होम में जिस एक महिला बुजुर्ग को बांधकर रखने की तस्वीर वायरल हुई थी उनके बारे में जानकारी मिली है कि पहले वे रेकी हीलर थीं! अस्सी साल की उम्र हो गई है, दिमागी तौर से अस्थिर हैं। उनकी बेटी ने ही यहां रखा था। मानसिक रूप में अस्वस्थ मां को नहीं रख पाती होगी अपने साथ। उसकी मां को अपने साथ रखने की इजाज़त नहीं होगी परिवार में, ऊपर से मानसिक रूप से विक्षिप्त, बीमार बुजुर्ग की देखभाल के लिए बहुत समय चाहिए!
कुछ बुजुर्ग ऐसे ही होंगे जो खुद ही वृद्धाश्रम चले गए होंगे अपने बच्चों की सहूलियत के खातिर! आजकल ये भी चलन में है। कभी बेटा तो कभी बहू और कभी दोनों को अपने बुजुर्ग मां बाप को साथ रखने में दिक्कत होती है! बहुओं की आज़ादी बाधित होती है! बेटों को भी दिक्कत होने लगती है। ऐसे में ‘होशियार’ मां बाप खुद ही वृद्धाश्रम चले जाते हैं। कुछ बुजुर्ग जबरन भी वहां रखे गए होंगे! बेटा- बेटी, बहुएं जब ओल्ड एज होम में अपने मां बाप को रखने के लिए पैसा देते हैं तब उनमें अपराध बोध भी कहां होता होगा!
नोएडा के सेक्टर 55 के इस ओल्ड एज होम की खबर जब टीवी और अख़बारों में आई तो कुछ के परिजन उन्हें देखने आए जरूर, लेकिन कुछ लोगों ने माता-पिता को लेकर घर जाने में असमर्थता जता दी। अगर इस ओल्ड एज होम का कागज पत्तर ठीक नहीं हुआ तो सील हो जाएगा और जिन बुजुर्गों के बेटा- बेटी और बहुएं उन्हें अपने साथ नहीं ले जाना चाहेंगे, सरकारी वृद्धाश्रम में शिफ्ट कर दिए जाएंगे!
एक बात और, ऐसे बेटे बेटियों का अपना समाज होगा। बड़ी गाड़ी होगी। बढ़िया घर होगा! घर में बढ़िया नस्ल का कुत्ता या कोई पालतू जानवर होगा! इनके जन्म पर भी सोहर बजा होगा! मां ने रातभर जागकर लोरी गाया होगा! पिता ने खून पसीना सींचकर बच्चे को समाज में रहने लायक बनाया होगा! .. इन बच्चों के बच्चे भी देख रहे हैं और सीख रहे होंगे कि मां बाप तो बुढ़ापे में ओल्ड एज होम में ही रहते हैं.. उन्हें तो थोड़ा भी अपराध बोध नहीं होगा!