राहुल गाँधी (फोटो: सौजन्य RG फेसबुक पेज)
सावरकर को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ अब शुरू होगा ट्रायल। राहुल गांधी ने अपना गुनाह कबूल करने से इंकार (pleads not guilty) कर दिया है।
हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर पर अपनी टिप्पणियों से संबंधित मानहानि के एक मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने खुद को बेगुनाह बताया है। पुणे की अदालत में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने राहुल गांधी के वकील के जरिए राहुल गांधी ने खुद को बेगुनाह बताया है। मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के ऊपर लगाए गए आरोपों को उनके वकील को पढ़कर सुनाया। कोर्ट ने पूछा कि क्या राहुल गांधी अपना गुनाह कबूल कर रहे हैं? इस पर राहुल गांधी के वकील ने कहा कि – नहीं, उनका दावा है कि वे बेगुनाह हैं। राहुल गांधी उस समय अदालत में उपस्थित नहीं थे और उनके वकील पवार ने अदालत के समक्ष उनकी ओर से उन्हें (गांधी) निर्दोष बताया। राहुल गांधी के ‘नॉट गिल्टी’ की दलील के बाद अब उनके खिलाफ मानहानि के मामले का ट्रायल शुरू होगा।
Savarkar Defamation Case: Rahul Gandhi Pleads ‘Not Guilty’; To Face Trial | @NarsiBenwal #RahulGandhi #Defamation @RahulGandhi https://t.co/xcPczVDOmW
— Live Law (@LiveLawIndia) July 11, 2025
क्या होता है – प्लीड नॉट गिल्टी (plead not guilty)
किसी आपराधिक मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत आरोपी के खिलाफ चार्जेज फ्रेम करती है कि किन किन धाराओं के तहत ट्रायल चलेगा। चार्जेज फ्रेम होने के बाद अदालत आरोपी को पढ़कर सुनती है कि उसपर किन किन धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा। उसके बाद जज आरोपी से पूछती है कि आपके ऊपर लगाए गए आरोपों को क्या आप कबूल कर रहे हैं? यदि आरोपी कहता है कि मैं अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को स्वीकार करता हूं, इसे प्लीड गिल्टी ( plead guilty) कहते हैं। आरोपी स्वीकार करने के बाद ट्रायल की जरूरत नहीं होती। अदालत में सीधे सजा पर बहस होती है। गुनाहगार का वकील न्यूनतम सजा की मांग करता है जबकि अभियोजन पक्ष (जांच एजेंसी) अधिकतम सजा की मांग करता है। फिर अदालत सजा का एलान करती है।
जब आरोपी कहता है कि – नहीं, मेरे ऊपर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। मैं बेगुनाह हूं। इसे कहते हैं प्लीड नॉट गिल्टी। इसके बाद ट्रायल शुरू होता है। गवाह, सबूत पेश किया जाता है। उसके बाद अदालत दोषी या बेगुनाह ठहराती है। दोषी ठहराने के बाद सज़ा पर बहस होती है। इस स्थिति में भी गुनाहगार का वकील न्यूनतम सजा की मांग करता है जबकि अभियोजन पक्ष (जांच एजेंसी) अधिकतम सजा की मांग करता है। फिर अदालत सजा का एलान करती है। चूंकि इस मामले में राहुल गांधी ने कहा है कि वो बेगुनाह हैं (प्लीड नॉट गिल्टी), इस मामले में अब ट्रायल शुरू होगा।
राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में एक भाषण के दौरान कथित तौर पर कहा था कि वीर सावरकर ने अपनी किताब में लिखा है कि ‘उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था और उन्हें इससे खुशी हुई थी।’ सावरकर की पड़पोती सत्यकी सावरकर ने राहुल गांधी के बयान को झूठा, अपमानजनक और बदनाम करने वाला बयान बताते हुए राहुल गांधी पर अपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।सत्यकी सावरकर की मां, हिमानी सावरकर, नाथूराम गोडसे के भाई गोपाल गोडसे की बेटी थीं। नाथूराम गोडसे वही हैं जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी।